अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने सोमवार को कहा कि अमेरिका भारत और अमेरिका की कंपनियों के बीच असैन्य परमाणु साझेदारी के लिए बाधाओं को 'हटाने' के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है। संयुक्त बयान के मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ बैठक में सुलिवन ने उन्हें अमेरिका की मिसाइल निर्यात नियंत्रण नीतियों के बारे में जानकारी दी जिससे भारत-अमेरिका वाणिज्यिक अंतरिक्ष सहयोग को बढ़ावा मिलेगा और उन्होंने भारतीय परमाणु कंपनियों की सूची से बाहर करने के लिए उठाए जा रहे आवश्यक कदमों का उल्लेख किया। नई दिल्ली के दो दिवसीय दौरे पर आए सुलिवन ने आईआईटी दिल्ली में अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका अब भारत की प्रमुख परमाणु संस्थाओं और अमेरिकी कंपनियों के बीच असैन्य परमाणु सहयोग को रोकने वाले लंबे समय से चले आ रहे नियमों को हटाने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है। भारत और अमेरिका के सामने आने वाली साझा चुनौतियों पर ध्यान देना, उन्होंने चीन की 'हिंसक औद्योगिक रणनीतियों' के लिए भी आलोचना की और आपूर्ति श्रृंखलाओं से संबंधित मुद्दों को उजागर करते हुए परस्पर निर्भरता के 'हथियारीकरण' के खिलाफ बीजिंग को आगाह किया।
निवर्तमान बाइडन प्रशासन के शीर्ष अधिकारी द्वारा असैन्य परमाणु सहयोग की घोषणा महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे भारत में अमेरिकी परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण में मदद मिलने की उम्मीद है।
